कोरोना के अस्पताल : कोरोना के अस्पताल या कोरोना और अस्पताल कौन लेगा जिम्मेदारी ? प्रेरणा मिश्रा - Lets Care Society
कोरोना के अस्पताल : कोरोना के अस्पताल या कोरोना और अस्पताल कौन लेगा जिम्मेदारी ?
जिसे भगवान बनाया इंसान ने,
डॉक्टर वो
कहलाते हैं,
बस फ़र्क
इतना की मंदिर में नहीं,
हॉस्पिटल
में यह पूजे जाते है।

कोरोना के अस्पताल या कोरोना और अस्पताल कौन लेगा जिम्मेदारी ?
जिस देश
में डॉक्टर को भगवान और अस्पताल को मंदिर माना जाता है वहां आज मानो मरीज ही
भिखारी बन गए है सबसे अपने हक की भीख मांगते फिर रहे है।
कोरोना
काल हमें हमारी सरकार की असलियत को उजागर करने में मदद कर रहा है हमारी सरकार
कितनी एक्टिव है यह बता रहा है हमारे देश में कितनी अच्छी चिकित्सा सुविधाएं है यह
दिखा रहा है।
गलतियां
सबसे होती है अस्पतालों से भी हो गई परंतु गलतियां एक या दो बार होती है परन्तु
यहां हर अस्पतालों की यही स्थिति है ऐसे में किसी को जिम्मेवारी लेनी पड़ेगी,कोई तो ज़िम्मेदार होगा इनका।
गावों से
लोग दिल्ली - मुंबई के अस्पतालों में अपने इलाज के लिए आते है परंतु कोरोना काल
में दिल्ली मुंबई के अस्पतालों की सच्चाई सामने आ रही होती।
सरकारी
अस्पताल तो मानो सरकार द्वारा नहीं चारवाहों के द्वारा चलाया जा रहा है और मरीज़
भेड़ बकरियों के भांति ईधर - उधर चर रहे है अर्थात् पड़े हुए हैं। प्राइवेट
अस्पताल की अपनी कहानी है उन्हें लगता है कि हर व्यक्ति ए. टी. म है और डॉक्टर
साहब ए. टी. म पिन जैसे है, पिन डाला और पैसे हाज़िर। बिना पैसों को आप प्राइवेट अस्पताल में
इलाज कराने की सोचे भी ना।
सरकारी और
प्राइवेट दोनों ही अस्पताल अपने चरम सीमा को पार कर चुके है स्थिति दयनीय के साथ
साथ भयावह भी होती जा रही है।
दिल्ली -
मुंबई लाइमलाइट में इसीलिए है क्योंकि यह महानगर है। छोटे छोटे शहरों के सरकारी
अस्पतालों के हाल तो इतने बुरे है कि वहां मरीज़ इलाज़ करवाने से भी कतरा रहे है।
कोरोना के अस्पताल : कोरोना के अस्पताल या कोरोना और अस्पताल कौन लेगा जिम्मेदारी ?
आज सरकार
चुप क्यूं? केंद्र के
तरफ़ से कोई जवाब क्यों नहीं? अस्पतालों में सही ढंग से मरीजों की देख भाल नहीं हो रही, कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके शव
के रख रखाव के तरीके दयनीय और आश्चर्यजनक है। साथ ही परिवारजनो को उनके मरीज जिदां
भी है या कहां है, तक से अवगत नहीं कराया
जा रहा ।
इन बातों
से तो यह ज्ञात हो रहा है कि मानो सरकार अपनी जनता को संभालने में सक्षम नहीं है।
धन्यवाद्।
प्रेरणा
मिश्रा
bhut badeya likha hai
ReplyDelete👌👌👌
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